वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2022 में सड़कों और राजमार्गों का जाल बिछाने पर खूब पूंजी लगाई है| बजट भाषण में सीतारमण ने कहा कि पीएम गतिशक्ति आर्थिक वृद्धि और सतत विकास की दिशा में एक परिवर्तनकारी पद्धति है। इस पद्धति का संचालन सात इंजनों- सड़क, रेलवे, एयरपोर्ट, बंदरगाह, सार्वजनिक परिवहन, जलमार्ग और लॉजिस्टिक अवसंरचना से होता है। और ये सातों इंजन एक साथ मिलकर अर्थव्यवस्था को आगे ले जाएंगे।
बजट 2022-23 के तहत 25 हजार किलोमीटर तक राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार किया जाएगा। व वित्त मंत्री ने कहा कि वित्तपोषण के नवोन्मेषी तरीकों से 20,000 करोड़ रुपए जुटाए जाएंगे ताकि सार्वजनिक संसाधनों को पूरा किया जा सके।
पीएम गति शक्ति के रास्ते विकास का सफ़र
बजट 2022 में सड़क परिवहन क्षेत्र में बड़े निवेश के द्वारा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का प्रयास किया गया है। पीएम गति शक्ति के माध्यम से शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन के उपयोग में बदलाव को बढ़ावा देने के लिए शून्य ईंधन नीति के साथ क्षेत्रों को विशेष गति देने पर कार्य किया जाएगा। इस दौरान वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि वर्ष 2022-23 में एक्सप्रेस मार्ग के लिए पीएम गतिशक्ति मास्टर प्लान का प्रतिपादन किया जाएगा। ताकि लोगों और वस्तुओं का अधिक तेजी से आवागमन हो सके।
वित्त मंत्री ने बजट में कहा कि राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड में लिया जाएगा। पीपीपी मोड के माध्यम से चार स्थानों पर मल्टीमाडल लाजिस्टिक्स पार्कों के कार्यान्वयन के लिए 2022-23 में कान्ट्रैक्ट दिए जाएंगे।
पर्वतमाला: राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम
श्रीमती सीतारमण ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में ऐसे परंपरागत सड़कों के विकल्पो को प्राथमिकता दी जा रही है जो पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ हैं। पीपीपी मोड पर एक राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य पर्यावरण को बढ़ावा देने के अलावा संपर्क में सुधार लाना और आवगमन करने वाले लोगों के लिए सुविधा प्रदान करना है। इस कार्यक्रम में सघन आबादी वाले ऐसे शहरी क्षेत्रों को भी शामिल किया जाएगा जहां कि परंपरागत सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्ष 20222-23 में ऐसी 8 रोपवे परियोजनाओं के अनुबंध दिए जाएंगे, जिनकी कुल लंबाई 60 किलोमीटर होगी।इन तमाम प्रयासों के माध्यम से पर्यटन और कनेक्टिविटी दोनों को संयुक्त रूप में साधने का प्रयास किया जाएगा।
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